साल 2022 झारखंड के लिए बहुत बुरा बीता। इस साल पड़े सूखे की वजह से किसानों को भारी नुकसान हुआ। राज्य सरकार का अनुमान था कि लगभग 30 लाख किसान प्रभावित हुए हैं। लेकिन 15 मार्च 2023 तक 33,16,789 किसान राज्य सरकार द्वारा घोषित मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना का फायदा उठाने के लिए आवेदन कर चुके हैं। 2021-22 में 6,06,430 टन मक्के का उत्पादन हुआ था, लेकिन यह भी 2022-23 में घटकर 4,35,870 टन ही रह गया। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

सिवान: दरौली विधानसभा क्षेत्र के गुठनी उतर के मठिया पर संगीत में श्री राम कथा महायज्ञ को लेकर प्रथम दिन भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। कलश शोभा यात्रा में हजारों कन्या एवं महिला श्रद्धालुओ के साथ साथ पुरुषों ने हिस्सा लिया। कलश यात्रा गाजे-बाजे और घोडो के साथ उत्तर के मठिया से निकलकर गुठनी चौराहा, तेनुआ होते हुए गुठनी बाजार से डमना सती घाट स्थित गंडकी नदी पहुंची,जहां गंगा पूजन के बाद कलश में जल भरा गया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

देश के अलग अलग राज्यों में सरकारी दुकानों से मिलने वाले राशन में भारी मिलावट हो रही है। केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल देश के अलग-अलग राज्यों में लिए जाने वाले नमूने फेल हुए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, यह मिलावट सरकारी गल्ले की दुकान चलाने वाले लोगों की ओर से हो रही है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

बिहार राज्य के सारण जिला के शिकारपुर पंचायत से हमारी श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में जानना चाहती हैं

बिहार राज्य के सारण जिला के शिकारपुर पंचायत से सोनी देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहती हैं कि इस मौसम में कौन कौन सी सब्ज़ी लगा सकते हैं ?

बिहार राज्य के सारण जिला से रूबी देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहती हैं कि पोषण बगीचा क्या होता है और उसे कब लगाना चाहिए ?

बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने यूपी, राजस्थान व मध्य प्रदेश में 5.23 लाख हेक्टेयर से ज्यादा गेहूं की फसल को प्रभावित किया है। वहीं, पंजाब और हरियाणा में गेहूं की फसल को हुए नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

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डिजिटल लेनदेन में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाले यूपीआई (UPI) के जरिए भुगतान क्या 1 अप्रैल से महंगा होने जा रहा है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अगले महीने से 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई भुगतान पर 1.1 फीसदी शुल्क देना होगा।