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दोस्तों, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आप रिकॉर्ड करें अपनी भावनाएं... कहानियों के माध्यम से या फिर कविताओं के जरिए.. अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए फोन में अभी दबाएं नम्बर 3 का बटन. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आप अपने परिवार की महिलाओं के लिए क्या संदेश रिकॉर्ड करना चाहते हैं? इस खास दिन को महिलाएं कैसे मना रही हैं? महिला दिवस पर अच्छी सी कविता और कहानी रिकॉर्ड करें.

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के बारे में एक महिला क्या सोचती है... यह जानना बहुत दिलचस्प है.. चलिए तो हम महिलाओं से ही सुनते हैं इस खास दिन को लेकर उनके विचार!! आप अपने परिवार की महिलाओं को कैसे सम्मानित करना चाहेंगे? महिला दिवस के बारे में आपके परिवार में महिलाओं की क्या राय है? एक महिला होने के नाते आपके लिए कैसे यह दिन बाकी दिनों से अलग हो सकता है? अपने परिवार की महिलाओं को महिला दिवस पर आप कैसे बधाई देंगे... अपने बधाई संदेश फोन में नम्बर 3 दबाकर रिकॉर्ड करें.

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हरिहरात्मक महायज्ञ में संत सम्मेलन का हुआ आयोजन वेद भगवान का पिता है,कभी विनाश नहीं हो सकता वही सनातन है--आचार्य रमाशंकर शास्त्री सोनपुर । जो निरंतर है और जिसका कभी विनाश नहीं हो सकता वही सनातन है वेद भी सनातन है वेद भगवान का पिता है । यह बातें सोमवार को हरिहर क्षेत्र सोनपुर में चल रहे नौ दिवसीय हरिहरात्मक महायज्ञ स्थल पर आठवें दिन आयोजित संत सम्मेलन के दौरान धर्माचार्य ने कही।इसी क्रम में वेदांती आचार्य रमाशंकर शास्त्री के मंच पर पहुंचते हैं जगत गुरु रामानुजाचार्य गोविंदाचार्य स्वामी गुप्तेश्वर जी महाराज ने उनसे प्रश्न किया की सनातन क्या है और सनातन की रक्षा से राष्ट्र की रक्षा कैसे होगी । श्री शास्त्री इन्हीं प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे उन्होंने कहा यज्ञ मंत्र होते रहे तो भगवान का स्वास भी चलते रहता है श्री शास्त्री ने कहा की वेदांत नहीं तो सनातन भी नहीं। सनातन को छोड़कर दूसरा कोई धर्म नहीं जो पुनर्जन्म को मानता हो ।यज्ञ की परंपरा ही सनातन है जन्म वही जन्म है जो दोबारा नहीं हो इसी क्रम में इस सम्मेलन में जगतगुरु रामानुजाचार्य श्रीपति यति पीठाधीश्वर राज गोपालाचार्य जी महाराज लक्ष्मी नारायण मंदिर बक्सर जगत गुरु रामानुजाचार्य स्वामीनारायण आचार्य मुमुक्षी जी महाराज, काशी पीठाधीश्वर प्रहलाद घाट वाराणसी जगतगुरु रामानुजाचार्य वेंकटेश प्रापणन्नाचार्य जी महाराज गया, स्वामी चिदात्मानन महाराज राजकोट गुजरात स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज, अनंत श्री विभूषित स्वामी अच्युत प्रपन्नाचार्य जी महाराज, बसाओ पीठाधीश्वर स्वामी वैकुंठाचार्य जी महाराज आचार्य घोसीला जी महाराज, एवं लोक सेवा आश्रम के संत विष्णु दास उदासीन मौनी बाबा, आदि संतो ने सत्य क्या है धर्म क्या है, अखिल विश्व के कल्याण के लिए यज्ञ क्यों आवश्यक है तथा धर्म कैसे व्यक्ति की रक्षा करता है. इस पर विस्तार से प्रकाश डाला इस बीच कई संतों ने भगवान शिव ,श्री राम तथा कृष्णा के आदर्शों को भी उजागर किया । इस संत सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे गजेंद्र मोक्ष देवस्थानम के पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मण आचार्य जी महाराज ने कहा की धर्म से ही हमारी रक्षा होगी। यदि धर्म का हरण करेंगे तो धर्म ही हमारे विनाश का कारण होगा ।उन्होंने कहा की यज्ञ सनातन संस्कृति की एक महत्वपूर्ण परंपरा है। इसके पहले सारण सांसद राजीव प्रताप रुढी यज्ञ स्थल पर पहुंचे उन्होंने यहां चल रहे श्री राम कथा के मंच पर हो रहे आरती में भाग लिया । इस संत सम्मेलन में पंडित रामाशंकर शास्त्री, धर्म संघ, लालगंज, वैशाली। आचार्य पंडित चंद्रप्रकाश त्रिपाठी,मुख्य अर्चक बाबा हरिहरनाथ मंदिर सुशील चंद्र शास्त्री ,पवन शास्त्री ,ज्ञानेंद्र सिंह टुनटुन,अनिल सिंह ,मितलेश सिन्हा , विजय कुमार सिंह निर्भय कुमार सिंह राजेश कुमार अखिलेश सिंह,अजय सिंह, रघुनाथ सिंह, मिथिलेश सिंह, अमरनाथ तिवारी राजकिशोर सिंह, नारायण सिंह,नरेशु सिंह, मानवेंद्र सिंह पत्रकार विश्वनाथ सिंह पत्रकार संजीत कुमार ,अरविंद सिंह,कृष्णा,अमीत सिंह,लालबाबू पटेल,राजेश शाहिद हजारों श्रद्धालु यज्ञ स्थल पर पहुंचकर भजन कीर्तन सुन रहे थे।

पीएम सूर्यघर योजना के निबंधन व प्रचार प्रसार को लेकर लगायी गयी शिविर

एडीआर संस्था ने अपनी एक और रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में राजनीतिक पार्टियों की कमाई और खर्च का उल्लेख है। यह रिपोर्ट बताती है कि कैसे राजनीतिक पार्टियां अपने विस्तार और सत्ता में बने रहने के लिए बड़े पैमाने पर खर्च करती हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश के सबसे बड़े सत्ता धारी दल ने बीते वित्तीय वर्ष में बेहिसाब कमाई की और इसी तरह खर्च भी किया। इस रिपोर्ट में 6 पार्टियों की आय और व्यय के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सीपीआई एम और बीएसपी और एनपीईपी शामिल हैं। दोस्तों, *---- आपको क्या लगता है, कि चुनाव लडने पर केवल राजनीतिक दलों की महत्ता कितनी जरूरी है, या फिर आम आदमी की भूमिका भी इसमें होनी चाहिए? *---- चुनाव आयोग द्वारा लगाई गई खर्च की सीमा के दायेंरें में राजनीतिक दलों को भी लाना चाहिए? *---- सक्रिय लोकतंत्र में आम जनता को केवल वोट देने तक ही क्यों महदूद रखा जाए?

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