दोस्तों, महिलाओं के भूमि अधिकार सुरक्षित करने में स्थानीय शासन की भूमिका केंद्रीय है। यदि ग्राम पंचायतें भूमि अधिकार को प्राथमिकता दें, महिलाओं को लाभार्थी सूचियों में शामिल करें, अधिकारियों को प्रशिक्षण दें और समुदाय संगठनों के साथ मिलकर काम करें, तो ग्रामीण भारत में महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण संभव है। स्पष्ट है कि जमीन पर अधिकार सिर्फ कागज़ी नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और स्वतंत्रता का सवाल है — और इसका समाधान गांव से ही शुरू होगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- क्या आपकी पंचायत ने कभी महिलाओं को जमीन के अधिकार के बारे में कोई जानकारी या बैठक रखी है? अगर हाँ, तो उसका असर क्या रहा?” *--- अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से भूमि अधिकार पर अनीता देवी से साक्षात्कार लिया।अनीता देवी ने बताया कि सामाजिक संगठन में महिलाएं जागरूक नही हो रही हैं

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मीडिया और समाज महिलाओं को भूमि अधिकार दिलाने में अपनी सकारात्मक भूमिका नहीं निभा रहा है। जब मीडिया और समाज सही भूमिका निभाायगा एवं इस मुद्दे को प्राथमिकता देगा तो महिलाओं को उनका अधिकार जरूर मिलेगा।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राधिका से हुई। राधिका यह बताना चाहती हैं कि अगर सभी महिलायें सामूहिक रूप से अधिकार के लिए आवाज़ उठाएंगी तो उनको अधिकार जरूर मिलेगा। वह अधिकार के लिए आवाज़ उठाना चाहती हैं

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राधिका से हुई। राधिका यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को अधिकार दिलाने में पुरुष मदद करेंगे। उनके पति उनको जमीन में अधिकार जरूर देंगे। अगर नहीं देंगे अधिकार तो मुखिया और सरपंच के पास जमीन लेंगी।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से पूनम से हुई। पूनम यह बताना चाहती हैं कि महिलाएं जमीन में अधिकार लेना चाहती हैं क्योंकि उनको मायके और ससुराल में सम्मान नहीं मिलता है। अगर जमीन में अधिकार नहीं मिलेगा तो वह कैसे कोई रोजगार कर पाएंगी और अपने बच्चों का पालन पोषण कर पाएंगी

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अनीता देवी से हुई। अनीता देवी यह बताना चाहती हैं कि महिला अगर सामूहिक रूप से बोलेंगी तो बदलाव जरूर आएगा। महिलाओं को जागरूक होना चाहिए ताकि वह जमीन में अधिकार ले सकें

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अनीता देवी से हुई। अनीता देवी यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार लेना जरूरी है। अगर मायके और ससुराल में जमीन नहीं मिलेगा तो कैसे बच्चों का पालन पोषण करेंगे

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रीता देवी से हुई । रीता देवी यह बताना चाहती हैं कि उनको जमीन में अधिकार लेना है और अगर पति जमीन में अधिकार नहीं देंगे तो लोगों को इक्कठा करेंगी और लड़ कर लेंगी ।जमीन लेकर वह खेती करेंगी और विकास करेंगी ।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रीता देवी से हुई ।रीता देवी यह बताना चाहती है कि लड़की को मायके में हिस्सा नहीं लेना चाहिए ।लड़की का शादी कर देने के बाद जमीन में अधिकार नहीं देना चाहिए ।