झारखण्ड राज्य के कोडरमा ज़िला के बहादुरपुर से राज़िया खातून ,परिवर्तन वाणी के माध्यम से बताती है कि बारिश नहीं होने के कारण खेती अच्छे से नहीं हो पाई। तालाब व कुआँ सूख गया है। चना ,सरसो आदि की खेती अच्छे से नहीं हो सकी। जंगल में खेती करने से जंगली जानवरों द्वारा भी फसल नष्ट कर दिया जाता है