छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंदगाँव ज़िला से वीरेंदर ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि अकेलापन खुद को परखने का मौका देता है। चुप रह कर खुद से प्रश्न करना चाहिए इससे अकेलापन खलता नहीं है। अकेले रहने पर अच्छा अच्छा गाना सुना जाना चाहिए। कई बार परिवार नहीं रहते है तो अकेलापन लगता है तो कई बार परिवार रहने पर भी लोग अकेले हो जाते है। मन बहलाने का हज़ारों तरीके है। घर में नहीं तो बाहर में अकेलेपन का साथी ज़रूर मिलेगा
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छत्तीसगढ़ राज्य के जिला राजनंद गांव से विरेंद्र , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि अकेलापन वास्तव में मानसिक बीमारी को बढ़ावा देता है। अकेलापन दो प्रकार का होता है, एक होता है कि परिवार का कोई सदस्य छोड़कर चला जाता है तब लोगों को बहुत तनाव होता है। और दूसरा तब होता है जब परिवार के सभी लोग होते है फिर भी वह अकेलापन महसूस करता है क्योंकि कोई उसकी भावना को नहीं समझता है। तो ऐसे व्यक्ति को परिवार के किसी सदस्य को समझना होगा की वह व्यक्ति क्या चाहता है उसकी क्या समस्या है। इस तरह से किसी की समस्या को समझ कर उसको दूर किया जा सकता है और तनाव को दूर किया जा सकता है।
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छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंदगाँव ज़िला से वीरेंदर ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि अकेलेपन से तनाव आता है। एक न एक दिन किसी न किसी को अकेलापन का सामना करना पड़ता है बस कारण अलग अलग होते है। इसीलिए अकेलापन को दूर करने का तरीका अपने अनुसार ढूंढ़ने की ज़रुरत है। कोई अकेलापन दूर करने के लिए कला का प्रयोग करते है ,कोई संस्थाएँ जा सकते है जिससे बच्चों को देख कर मन बहल जाए। पहले अकेलापन का कारण ढूंढ़े और फिर इससे उभरने का तरीका निकालना चाहिए
छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंद गाँव से वीरेंद्र , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि मानसिक तनाव तभी आता है जब कोई जबरजस्ती करता है। हमे टेंशन नहीं आये इसका ध्यान रखना चाहिए। लोगों में विरोध करने की शक्ति होनी चाहिए। लोगों में आत्मबल होना चाहिए।
