छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंदगाँव ज़िला से वीरेंद्र गंदर्व ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि संसार बना है तो सब मनुष्य एक सामान नहीं है। कोई अमीर है कोई गरीब है ,कोई ठीक है कोई दिव्यांग है। कम पैसों में जीवन चल सकता है ,इसमें संतुष्ट रहना ज़रूरी है। अपने पास जो है उसमेें ही खुश रहना सीखना चाहिए और मन को मनाए। इससे मानसिक तनाव नहीं आएगा। इच्छा कम से कम रखना चाहिए क्योंकि ज़्यादा इच्छा रखना दुख का कारण बनता है। जितना पैसा है उतने से ही इच्छा पूरी करना चाहिए।
