छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंदगाँव ज़िला से वीरेंदर ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि आज के लोगों में धैर्य नहीं है। जल्द ही लोग धैर्य खो देते है ,पहले के लोग धीरज रखते थे पर अब सहनशीलता नहीं रही है इसीलिए ऐसे लोगों पर ध्यान देने की ज़रुरत है। जो लोग जन्म से मानसिक रोगी होते है तो लोग उन्हें समझ नहीं पाते है। जबकि लोगों को यह समझने की ज़रुरत है।बीच बीच में कार्यशाला का आयोजन कर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। आध्यात्मिक चेतना भी ज़रूरी है। ताकि लोग संतुष्टि में रहे।
