छत्तीसगढ़ के राजनंदगाँव से वीरेंदर ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि लड़के और लड़कियों के शरीर में बदलाव आना शारीरिक देन,प्राकृतिक देन है।ये शारीरिक विकास होता है। इसमें संकोच वाली कोई बात नहीं है। जब आधुनिक युग में जीवन व्यतीत कर रहे है तो यह मान के चले की शरीर में बदलाव आने पर मन में कोई संकोच नहीं करे
