छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंदगाँव ज़िला से वीरेंदर ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मानसिक रोग किसी की गलती नहीं है लेकिन कहीं न कही वो लोगों की गलती होती ही है।लोग दोस्ती में मानसिक तनाव के शिकार होते है ,यह लोगों की ही गलती होती है। दोस्त ऐसे बनाए तो नेक बनाए ,सही मार्ग दिखाए लेकिन दोस्ती ऐसी बनाई जाती है जो गलत कार्य करने को कहती है। सही बुद्धि अपना कर सही दोस्त बनाना चाहिए। दोस्ती का मतलब ये नहीं की किसी से भी दोस्ती कर लें और अपना जीवन चौपट कर लें
