छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिला से वीरेंदर गन्धर्व ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारतीय संस्कृति को भूलने के बाद लोग अकेले रहने लगे हैं। जिनके पास निश्चित रूप से धन है, पैसा है, नाम है, प्रसिद्धि है, सब कुछ है, लेकिन उनका परिवार नहीं है, क्योंकि उनका परिवार उनसे दूर है, अब नौकर उसकी देखभाल कर रहे हैं, परिवार उससे दूर है, इसलिए ऐसी स्थिति में, अगर किसी को कोई बीमारी है, या कुछ हो जाता है, तो पड़ोस का आदमी खड़ा हो जाएगा या नहीं तो उसका नौकर खड़ा हो जाएगा, यह भी मानसिक विकार का कारण है, कि व्यक्ति के पास धन है, लेकिन वह अभी भी अकेला है। क्योंकि उसका परिवार उससे बहुत दूर रहता है। हमारी भारतीय संस्कृति ने सिखाया कि पुरे परिवार को एक साथ होना चाहिए, लेकिन यह आज के समय में नहीं हो रहा है।