वीरेंद्र द्वारा महलाओं को लेकर विचार बताय गए ,उनके द्वारा बताया गया की आजकल एक नारा महिलाओं को लेकर काफी चर्चित है जिसमे कहा गया है की मैं कुछ भी कर सकती हूँ उन्होंने ये भी बताया की अगर महिलाएं एक होकर बोलें तो अच्छा होगा और एकजुटता का परिचय दिखाएँ। महिला के बीच होने वाले हिंसा भी महिला ही लाती है। 'मैं' में नहीं 'हम' में शक्ति है
