मध्य प्रदेश के सींगरौली जिले की निषाद खान ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की ग़ालिब साहब एक फारसी और उर्दू के महँ लेखक थे। ग़ालिब दोने ही देश पाकिस्तान और भारत में जाने जाते है