महाराष्ट्र राज्य के नागपुर जिला से आदर्श कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि स्कूलों में शिक्षा के लिए लड़का या लड़की में भेदभाव नहीं होता है। लड़कियां पुराने जमाने में पढाई करती थी। महाराष्ट्र की सावित्री फुलेबाई भी पढ़ी लिखी महिला थी