Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
मार्च के दूसरे पखवाड़े और अप्रैल के शुरुआती दिनों में बारिश व ओलावृष्टि की वजह से दलहन के उत्पादन में कमी आने की आशंका है। यही वजह है कि कम उत्पादन का दाल कीमतों पर असर न पड़े, इसके लिए सरकारी प्रयास शुरू हो गए हैं। इसके लिए सबसे पहले दाल व्यापारियों और मिलरों पर नकेल कसी जा रही है। शनिवार 15 अप्रैल 2023 को इंदौर में केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने दाल व्यापारियों की बैठक ली।
Transcript Unavailable.
मानव समाज धीरे धीरे बाजारों के फल फ्रूट और बड़ी बड़ी होटलों में खाना खाने की आदत डालते हुए प्रकृति से मिलने वाले अनमोल कंदमूल, फल फूल से दूरी बनाकर प्राकृतिक जीवनशैली को लुप्त करने की विनाशकारी मार्ग को अपनाकर बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं। हम लोग शहरों में बाजार से बेशकीमती फल फुल और स्वादिष्ट व्यंजन खरीद सकते हैं, लेकिन जो हमारे ग्रामीण आदिवासी अंचलों और पहाड़ी क्षेत्रों में प्रकृति से मिलने वाले अनमोल और स्वादिष्ट ऐसे फलों तेंदू टेमरा, भिमला, चार चिरौंजी महुआ आदी फल फुल जो हम लोगों को प्रकृति से सीधें प्राप्त होते हैं का सेवन करके जो आनंद मिलता है ओ लाखों करोड़ों रुपए खर्च करके भी बाजारों के फलों और् व्यजनों में जमीन आसमान का फर्क होता है। महुआ से दारु ही नही बहुत कुछ बनता है । महुआ के फल की सब्जी,फुल का जूस,सुखा कर , उबालकर खाया जाता है , लड्डू, ढोकला, बनाया जाता है फुल से अर्क और फल तेल भी निकाला जाता है । इसी तरह तेंदू को देशी चिकु के नाम से प्रसिद्ध प्राप्त है । वही भिमला का भी स्वाद लाजवाब है । तो चार चिरौंजी की अपनी एक अलग पहचान है देश विदेश मे भी चिरौंजी अपने विशेष गुणों के कारण पहचाना जाता है । किंतु मानव समाज का इस और कम ही ध्यान है । आज यह प्रकृति की अनमोल वनोपज लुफ्त होने की कगार पर है ।
पूरी दुनिया सहित भारत में भी फिर से कोरोना के मामलों में हल्का उछाल देखने को मिला है। इसी के बीच एक वायरल मैसेज में यह दावा किया जा रहा है कि जानलेवा महामारी को देखते हुए भारत सरकार अगले महीने यानी मई से पूरे देश में फिर से लॉकडाउन लगाने जा रही है। हम सभी ने कोरोना के समय की भयावहता महसूस की है। लॉकडाउन के समय को याद कर आज भी हम और आप सिहर उठते हैं। ऐसे में अगर आपके सामने यह दावा किया जाए कि मई से पूरे देश में एक बार फिर से संपूर्ण लॉकडाउन लगने जा रहा है, तो आपको कैसा महसूस होगा? दरअसल, 'Daily Trending News' नाम के एक यूट्यूब चैनल ने अपने एक वीडियो में दावा किया है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ने के कारण केंद्र सरकार एक बार फिर से अगले महीने यानी मई से पूरे देश में लॉकडाउन लगा सकती है। इस न्यूज़ को और भी कई यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया स्पेसेज पर शेयर किया गया है। इसके बाद यह वायरल हो गया। भारत सरकार के आधिकारिक वेबसाइट पीआईबी ने इस वीडियो का फैक्ट-चेक किया और इसे फर्जी और भ्रामक बताया है। पीआईबी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से ट्वीट करते हुए बताया है कि यह खबर आधारहीन और फेक है और इसे आगे शेयर करने से बचना चाहिए। साथियों अगर आपके पास भी ऐसा कोई भ्रामक ख़बर आता है, तो उसके बारे में जनता को जागरूक करें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए फ़ोन में अभी दबाए नंबर 3।
जहां एक ओर देश के अधिकतर इलाकों में लोग गर्म हवाओं से झुलस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी विक्षोभ के चलते, आज यानी 18 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी होने का अनुमान लगाया गया है।वहीं आज पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में आंधी चलने, बिजली गिरने तथा ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक आज हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की दर से चलने वाली तेज हवाओं के साथ छींटे पड़ने तथा वज्रपात होने के आसार हैं।
1.अतीक़ अहमद हत्याकांड में विपक्षी नेताओं ने लगाया योगी सरकार पर क़ानून व्यवस्था की नाकामी का आरोप। 2.पुलवामा हमले को सत्यपाल मलिक ने बताया मोदी सरकार की लापरवाही का नतीजा। 3.रामनवमी हिंसा में बिहार पुलिस ने नालंदा से बजरंग दल के नेता को किया गिरफ़्तार। 4.एक अध्ययन के अनुसार गौमूत्र में संभावित हानिकारक बैक्टीरिया, सीधे-सीधे इस्तेमाल के लिए नहीं है उपयुक्त। 5.आईपीएल के दो मुक़ाबलो में पंजाब किंग्स दो विकेट से तो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर 23 रन से जीता।
174 वर्षों के जलवायु इतिहास का दूसरा सबसे गर्म मार्च इस साल 2023 में दर्ज किया गया है। जब तापमान सामान्य से 1.24 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया था। गौरतलब है कि मार्च 2016 अब तक का सबसे गर्म मार्च का महीना था, जब तापमान बीसवीं सदी के औसत (12.7 डिग्री सेल्सियस) से 1.35 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। यह जानकारी नेशनल ओसेनिक एंड एटमोस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (एनओएए) के नेशनल सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल इंफॉर्मेशन (एनसीईआई) द्वारा जारी नई रिपोर्ट में सामने आई है। आंकड़ों की मानें तो यह लगातार 47वां वर्ष है जब मार्च के महीने में तापमान औसत से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है। इसी तरह पिछले 529 महीनों में तापमान कभी भी औसत से नीचे नहीं गया है। गौरतलब है कि इससे पहले यूरोपियन मौसम विज्ञान एजेंसी कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) ने भी इसी तरह की जानकारी दी थी। एनओएए के मुताबिक, एशिया की अगर बात करें तो यहां अब तक के दूसरे सबसे गर्म मार्च को अनुभव किया गया है। वहीं दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में यह रिकॉर्ड का चौथा सबसे गर्म मार्च का महीना रहा। इसी तरह यूरोप ने भी अपने जलवायु रिकॉर्ड के 10वें सबसे गर्म मार्च को अनुभव किया।
