मध्यप्रदेश राज्य के खंडवा जिला से अंजना लखमारे निष्ठा स्वास्थ्य वाणी के माध्यम से बात रही है कि परिवीक्षा काल बाल अपराधियों की आयु 14 वर्ष से कम होती है उन्हें प्रोबेशन अधिकारी की देखरेख में रखा जाता है बाल अपराधी को अन्य अपराधियों की तरह जेल में नहीं भेजा जाता उन्हें सुधार गृह भेजा जाता है वहां अधिकारी की देखरेख और नियंत्रण में रहता है।बाल अपराधियों को अन्य अपराधियों की तरह नहीं रखा जाता है। बाल अपराधियों को सहायता और निर्देशन दिया जाता है यह बाल अपराधियों के लिए अन्य व्यवस्थाओं से सस्ती होती है ।