सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शारीरिक रूप से अक्षम लोग भी सामाजिक रूप से पिछड़े हैं और उन्हें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तरह लाभ प्राप्त करने का अधिकार है. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एक आदेश के खिलाफ दायर की गई अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस आरएफ नरीमन की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले में स्थापित सिद्धांतों को अनुसरण करते हुए वे इस निर्णय पर पहुंचे हैं.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
