मजदूरों को अपने गांवों की ओर पलायन से रोकने के लिए भले ही तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन असल वजह सैलरी का न मिलना या फिर बड़े पैमाने पर कटौती होना है। एक सर्वे के मुताबिक 76 पर्सेंट मजदूरों को अप्रैल महीने में सैलरी नहीं मिली है। Safe In India समेत कई एनजीओ की ओर से दिल्ली के बाहरी इलाके मानेसर और बावल में किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है। केंद्र सरकार की ओर से कई बार सैलरी में कटौती न किए जाने की अपील के बाद भी यह स्थिति देखने को मिल रही है।सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें।