लॉकडाउन के बीच कई लोग हैं जो दो धर्मों के बीच गलतफहमियां पैदा करने से बाज नहीं आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर आए दिन फर्जी फोटो और वीडियो डालकर यह साबित करने की कोशिश की जा रही है कि देश में एक विशेष धर्म या सम्प्रदाय के लोगों को तवज्जो दी जा रही है. जबकि सरकार हर संभव कोशिश कर रही है कि समाज की एकता बनी रहे. इसलिए आपकी भी जिम्मेदारी है कि भ्रामक खबरों को फैलने से रोके.. खबर का स्त्रोत: ऑल्ट न्यूज़
