"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा असली डीएपी की पहचान करने के बारे में जानकारी दे रहे है अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

हमारी सूखती नदियां, घटता जल स्तर, खत्म होते जंगल और इसी वजह से बदलता मौसम शायद ही कभी चुनाव का मुद्दा बनता है। शायद ही हमारे नागरिकों को इससे फर्क पड़ता है। सोच कर देखिए कि अगर आपके गांव, कस्बे या शहर के नक्शे में से वहां बहने वाली नदी, तालाब, पेड़ हटा दिये जाएं तो वहां क्या बचेगा। क्या वह मरुस्थल नहीं हो जाएगा... जहां जीवन नहीं होता। अगर ऐसा है तो क्यों नहीं नागरिक कभी नदियों-जंगलों को बचाने की कवायद को चुनावी मुद्दा नहीं बनाते। ऐसे मुद्दे राजनीति का मुद्दा नहीं बनते क्योंकि हम नागरिक इनके प्रति गंभीर नहीं हैं, जी हां, यह नागरिकों का ही धर्म है क्योंकि हमारे इसी समाज से निकले नेता हमारी बात करते हैं।

सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की क्षमता बढ़ा सकते है।ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? अगर आपके पास भी है कोई मज़ेदार कहानी, तो रिकॉर्ड करें फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

बिहार राज्य के नालंदा जिले से दीपू कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं की उनके गांव में कई दिनों से नल से जल नहीं मिल रहा है क्योकि बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें और पूरी जानकारी सुनें

बिहार राज्य के नालंदा जिले के इस्लामपुर प्रखंड से दीपू कुमार ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि इनके इलाके में बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटने के कारण नल-जल योजना के अंतर्गत पानी नहीं मिल रहा है। इस वजह से हजारों की संख्या में लोग जल से वंचित हैं

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ अशोक झा ऑर्गेनिक खेती में बीज और मिट्टी के उपचार सम्बंधित जानकारी दे रहे हैं। सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.

बिहार राज्य के नालंदा जिला से अभिषेक मोबाइल वाणी के माध्यम से एक प्यारी सी कविता प्रस्तुत किया है। जिसके बोल है भारत देश महान

बिहार राज्य के नालंदा जिला से अभिषेक मोबाइल वाणी के माध्यम से एक प्यारी सी कविता प्रस्तुत किया है। जिसके बोल है जिसने सूरज चाँद बनाया

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में।

Transcript Unavailable.