बिहार राज्य के नालंदा जिला के चंडी प्रखंड से रूपा कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मुकेश कुमार से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि जमीन पर महिला का अधिकार होना चाहिए। पिता के संपत्ति में महिला को पुरुष के बराबर अधिकार मिलना चाहिए। लेकिन समाज में अभी ऐसा नहीं होता है, लड़की को जमीन में हिस्सा नहीं दिया जाता है।

नमस्कार आदाब श्रोताओं मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है रोजगार समाचार यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो इंडिया पोस्ट सर्कल द्वारा निकाली गयी शाखा पोस्टमास्टर और सहायक शाखा पोस्टमास्टर के 44228 पदों पर काम करने के लिए इच्छुक हैं। वैसे उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से दसवीं पास किया हो।इसके साथ ही उम्मीदवार की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष से अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन शुल्क अन्य उम्मीदवारों के लिए 100 रूपए और एससी/एसटी/दिव्यांग/महिला/ट्रांसवुमेन उम्मीदवारों के लिए बिल्कुल निः शुल्क रखा गया है। इन पदों पर शाखा पोस्टमास्टर के पदों पर 12,000-रु.29,380 और सहायक शाखा पोस्टमास्टर के पदों पर 10,000-रु.24,470/रूपए दिया जाएगा । अधिक जानकारी के लिए आवेदनकर्ता इस वेबसाइट पर जा सकते हैं। वेबसाइट है indiapostgdsonline.gov.in/ .उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन के आधार पर होगा।। याद रखिए इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 08-08-2024 है।तो साथियों,अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी, तो मोबाइल वाणी एप्प पर लाइक का बटन दबाये साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं। धन्यवाद !

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा ,मोबाइल वाणी के माध्यम से रीना कुमारी से बात कर रही है। ये कहती है कि महिला के नाम से जमीन होना चाहिए ,इनके मम्मी के नाम से जमीन है। अगर महिला का जमीन में अधिकार होगा तो उनका समाज में सम्मान बने रहेगा।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा ,मोबाइल वाणी के माध्यम से ऋषभ कुमार से बात कर रही है। ये कहते है कि इनकी मम्मी पढ़ी लिखी है ,इस कारण इनकी मम्मी ऋषभ को खुद पढ़ा लेती है ।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा ,मोबाइल वाणी के माध्यम से ज्योति कुमारी से बात कर रही है। ये कहती है कि महिला का शिक्षित होना ज़रूरी है। महिला अगर पढ़ी लिखी होगी तब ही आपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पाएँगी।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा ,मोबाइल वाणी के माध्यम से नंदिनी कुमारी से बात कर रही है। ये कहती है कि महिला शिक्षित होगी तो महिला आगे बढ़ेगी और समाज भी शिक्षित होगा

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के चंडी प्रखंड से रूपा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से पाटिल देवी से हुई। ये कहती है कि महिला के नाम से जमीन नहीं होना चाहिए। अगर उन्हें मिल जाता है तो वो पति और बच्चों को छोड़ कर जा सकती है। पहले महिला हर चीज़ बर्दास्त करती थी पर अब महिला सहती नहीं है और तुरंत निर्णय ले लेती है। पति से अलग होने का ही महिला कितना पैसों की मांग कर लेती है

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के नूरसराय से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाएँ कई क्षेत्र में पुरुष के हाथ बटा रही है। अगर पुरुष महिलाओं को जमीनी हक़ दे दें तो वो अच्छे से संभालेगी और प्रगति अच्छे से होगा । महिलाएँ ही बचत कर पुरुष को आगे बढ़ाती है। हर जगह महिला के सहारे ही पुरुष का नाम हो रहा है। बेटी ही पिता का ख्याल बेटों से अधिक रखती है। इसीलिए पिता को अपनी बेटियों के नाम जमीन करना चाहिए इससे बेटियों का लाभ होगा

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के नूरसराय से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बेमौसम की स्थिति जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहा है। आज के समय में प्रदुषण बहुत फ़ैल रहा है ,विकास के नाम पर गाड़ियाँ ,पेड़ों की कटाई हो रही है। जब तक लोग अपना जीवन स्तर को ठीक नहीं करेंगे तो समस्या बने रहेगी

बिहार राज्य के नालंदा जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता रूपा कुमारी ने डॉ. परमेश्वर प्रसाद से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं का शिक्षित होना आवश्यक है। क्योंकि एक महिला शिक्षित होती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। शिक्षित महिला पैसों के लिए काम करे न करे अपने बच्चों को पढ़ा जरूर लेगी। अगर परिवार शिक्षित हो जाता है, तो समझें कि उस परिवार का कल्याण होगा। महिलाएं शिक्षित हो या अशिक्षित हैं तो भी वे रोजगार में आगे बढ़ सकती हैं। यदि सरकार उन्हें रोजगार के अवसर देती है। कई व्यवसाय हैं, जिनमें महिलाओं को कुछ ऋण देकर प्रेरित किया जा सकता है और इस तरह से महिलाओं को बढ़ावा दिया जा सकता है। महिलाओं के पास नाम से जमीन होनी चाहिए। क्योंकि महिलाओं को समाज में पति के जीवित रहने तक सम्मान मिलता है। अगर उसका पति नहीं है, तो उसे सम्मान नहीं मिलता है। इसलिए सरकार को ध्यान देना चाहिए कि महिलाओं को ससुराल और मायके दोनों जगह भूमि पर अधिकार मिले