बिहार राज्य के जिला नालंदा के हिलसा ब्लॉक से कुमारी आकांक्षा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से पियूष कुमार से हुई। पियूष कुमार यह बताना चाहती है कि महिलाओं को खुद का रोजगार करना चाहिए , जैसे मुर्गी पालन , पशु पालन , सिलाई , पढ़ाना आदि।

बिहार राज्य के जिला नालंदा के हिलसा ब्लॉक से कुमारी आकांक्षा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नंदनी कुमारी से हुई। नंदनी कुमारी यह बताना चाहती है कि महिलाओं को खुद का रोजगार करना चाहिए , जैसे मुर्गी पालन , पशु पालन , सिलाई , पढ़ाना आदि।

बिहार राज्य के जिला नालंदा के हिलसा ब्लॉक से कुमारी आकांक्षा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से पूनम कुमारी से हुई। पूनम कुमारी यह बताना चाहती है कि महिलाओं को खुद का रोजगार करना चाहिए , जैसे मुर्गी पालन , पशु पालन , सिलाई , पढ़ाना आदि।

बिहार राज्य के जिला नालंदा के हिलसा ब्लॉक से कुमारी आकांक्षा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अनिशा कुमारी से हुई। अनिशा कुमारी यह बताना चाहती है कि महिला को रोजगार करना चाहिए , जैसे मुर्गी पालन , पशु पालन , बच्चों को पढ़ाना आदि।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के नगरनौसा प्रखंड से शोभा देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अस्मिता कुमारी से हुई ।ये कहती है कि जल का उचित उपयोग करना चाहिए। साफ़ पानी पीना चाहिए

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ जीव दास साहू टमाटर की नर्सरी तैयार करने की विधि के बारे में जानकारी दे रहें हैं। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के नगरनौसा प्रखंड से शोभा देवी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि शिक्षा बहुत ज़रूरी है। बिना शिक्षा का कोई कार्य संभव नहीं है। महिला शिक्षित होगी तो अपने बाल बच्चों को पढ़ाएगी। अनपढ़ रहेगी तो कोई कार्य नहीं कर सकती है न ही उन्हें सम्मान मिलता है

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

जी हाँ साथियों, शिक्षा का मानव जीवन में एक अलग महत्व है. शिक्षा ही एक मात्र ऐसा हथियार है जो न सिर्फ एक व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है बल्कि समाज को एक सही रास्ता भी दिखाता है। शिक्षा से समाज में फैले अंधकार को मिटाया जा सकता है। शिक्षा हर वर्ग के लोगों के लिए जरूरी है. हरेक वर्ग को शिक्षा के महत्व को समझाने के उद्देश्य से विश्व साक्षरता दिवस मनाया जाता है।दुनिया भर में साक्षरता दर को बढ़ावा देने के उदेश्य से और सभी को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए यूनेस्को ने 7 नवंबर 1965 में इस दिन को मनाने का पहल किया। इसके बाद 8 सितंबर 1966 को पहली बार विश्व साक्षरता दिवस मनाया गया और तब से लेकर हर वर्ष 8 सितंबर को साक्षरता दिवस मनाया जाता है. तो साथियों, आइये हम सब मिलकर शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रण लें और इस पहल में अपना योगदान दें। आप सभी श्रोताओं को समस्त मोबाइल वाणी परिवार की ओर से विश्व साक्षरता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

बिहार राज्य के जिला नालंदा के हिलसा ब्लॉक से कुमारी आकांक्षा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रोहित कुमार से हुई। रोहित कुमार यह बताना चाहते है कि महिला के नाम से जमीन होना जरूरी है, ताकि वह उस जमीन पर सब्जियां उपजा सके।