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संतोष कुमार मंडल की रिपोट:- हरणौत प्रखंड के नंदाबीघा गॉव के आभा देवी की समस्या थी मुझे बृद्ध पेन्सन नही मिल रहा है। आज मैं उनके जमीनी , उनके घर पर सभी प्रपत्र को चेक किया तो पाया कि उनका आधार कार्ड के उम्र से वोटर ईडी कार्ड की उम्र मैच नही कर रहे है। तो मैं सलाह दिए कि उम्र में सुधार करवाने के लिए । हरणौत प्रखंड परिसर में आधार सेंटर है वहाँ अपनी ओरिजनल वोटर ईडी को ले कर जाए। अपनी आधार में सुधार होने के बाद बृद्ध जन पेंशन की अप्लाय करिये। चुकी आपके पास BPL सूची में नाम नही है। और आपका इनकम 80000 की बनाई है तो वह भी काम मे नही आएगा। उनसे सुंदर है बृद्ध जन पेंशन। आगे कल से काम प्रगतिपर होंगे। धन्यवाद
संतोष कुमार की रिपोट हरणौत प्रखंड नालंदा जिले से साथियो जिओ ने आपने यूजर को सितम्बर माह से रिचार्ज की नया प्लान किया 399 में सिर्फ जिओ से जियो बात होता है। वही दूसरा रिचार्ज 444 में 84 दिन की समय और 1000 मिनिट मिलता है। जिओ काफी यूजर की जेब पर भारी पड़ी। लेकिन साथियो ट्राय के अनुसार 1 दिसम्बर से प्लान में बदलाव होने की संभावना है। जो अभी 6 पैसे पर मिनिट अदर नम्बर पर लग रहे है । वह बढ़ कर19 पैसे होने की संभावना है। वह सिर्फ जिओ ही नही बल्कि सभी कंपनी एयरटेल वोडाफ़ोन सभी करने को तैयार है। धन्यवाद
संतोष कुमार मंडल की रिपोट (नालन्दा जिला हरणौत प्रखंड) 2014 में 70 लाख 01हजार 442 लोगों ने वोट नहीं दिया था। एक बार फिर झारखण्ड विधानसभा चुनाव सामने है।राज्य के 2 करोड़ 30 लाख से अधिक मतदाता पांच चरण में 81 विधानसभा क्षेत्रों के लिए अपने विधायकों को चुनेंगे। पर, क्या सब मिलकर चुनेंगे। सन 2014 में 2 करोड़ 08 लाख 52 हजार 803 मतदाताओं पर यह जिम्मेवारी थी।आपको जानकर आश्चर्य होगा कि 70 लाख 01हजार 442 वोटर अपने घरों में ही राह गये। वोट देने घर से निकले ही नहीं।इनमें अधिकांश शहरी क्षेत्र के वोटर थे। भारत निर्वाचन आयोग के अधीन पूरी कार्यपालिका विधानसभा चुनाव करा रही है। करोड़ों रुपये इसमें खर्च होते हैं। जानते हैं... होली हो या दीवाली, ईद हो या क्रिसमस..जब आप उत्सव मनाते हैं तब देश जागता है। बाढ़ हो या कोई आपदा.. सीमा पर सेना, ड्यूटी पर पुलिस, डॉक्टर, अधिकारी और कर्मी, सभी अपने निर्धारित कर्तव्य पर बने रहते हैं। चुनाव कराने की जिम्मेवारी चाहे कितनी भी कठिन से कठिन हो, उस ड्यूटी को देश सेवा समझते हुए सब पूरा करते हैं। जब इतना कुछ होता है तो 2014 में वे 70 लाख लोग जो वोट करने निकले ही नहीं, उनका क्या?? क्या वे वोट के दिन कुछ घंटे देश को नहीं दे सकते हैं? देश के हज़ारों हाथों के साथ मैं भी हाथ जोड़ कर अपील करता हूँ।पर, क्या देश के लिए अपील करना पड़ेगा? क्या सबकी जिम्मेवारी नहीं है? क्या हम केवल देश से अपेक्षा ही रखेंगे। खुद के कर्तव्य का अहसास नहीं हो सकता है? क्या आम शहरी वोट के दिन को छुट्टी और मनोरंजन के लिए मानता है? गलत है यह चलन। हर घर में बच्चे वोट के दिन अपने माँ बाप से यह सवाल जरूर करें । उनसे पूछें कि आपने वोट दिया क्या? अंत में फिर....वोट जिसे देना चाहें दीजिए.. पर वोट जरूर कीजिय।
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नालंदा से अभिजीत कुमार बताते हैं कि सेंटर बिहार शरीफ में कुमार सिनेमा हॉल के पास है अभी हमारे यहां सिक्योरिटी गार्ड और हाउसकीपिंग का ट्रेनिंग चल रहा है साथ में बच्चों को कंप्यूटर सॉफ्ट स्किल और इंग्लिश कम्युनिकेशन का भी ट्रेनिंग साथ में दिया जा रहा है मेरा मोबाइल नंबर है 9386002626 आप इस नंबर के माध्यम से भी जानकारी ले सकते हैं और इनका जो संस्था जहां पर काम कर रहा है उसका एड्रेस से बिहार शरीफ में कुमार सिनेमा हॉल के पास पुल पर धन्यवाद
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