बिहार राज्य के नालंदा जिला के नूरसराय प्रखंड के बरारा पंचायत से मंजू देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से तन मन और हम कार्यक्रम के तहत बताया कि पहले के लोग माहवारी के समय पूजा घर नहीं जाने देते थे,दीपक नहीं जलाने देते थे आचार नहीं छूने देते थे। पहले के लोग जिस आस्था को वे लोग मानते थे, अभी भी हमारे समाज में देखने को मिल रहा है , उनके साथ भी ऐसा ही हुआ था। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि माहवारी के समय निकलने वाला खून सुरक्षित होता है और लड़कियों को माहवारी के समय सभी काम करने का अधिकार मिलना चाहिए। माहवारी के समय नहा धोकर काम कर सकते है , पहले के लोग अशिक्षित थे,इसलिए उनकी सोच गलत थी की माहवारी के समय काम नहीं कर सकती पूजा नहीं कर सकती
