एमपी जिला रीवा से राकेश कुमार जी ने हमारी वाणी के माध्यम से बताया हैं कि वे 75% प्रतिशत नेत्रहीन हैं सिर्फ 25% प्रतिशत ही देख सकते हैं। वे कहते हैं की विकलांगों को सामान्य लोगों की तरह रहकर काम करना चाहिए ,साथ ही सरकार के द्वारा भी प्राइवेट सेक्टरों में नियम लागु करवाना चाहिए जिससे विकलांग भाइयों को प्राइवेट सेक्टरों में नौकरी मिल सके ताकि वे अपनी भूमिका समाज में स्पष्ट रूप से निभा सकें और आर्थिक रूप से संपन्न हो सके
मध्य प्रदेश के जिला रीवा से राकेश कुमार जी ने हमारी वाणी के माध्यम से बताया हैं कि वे 75% प्रतिशत नेत्रहीन हैं सिर्फ 25% प्रतिशत ही देख सकते हैं। वे कहते हैं की विकलांगों को सामान्य लोगों की तरह रहकर काम करना चाहिए ,ताकि वे समाज में बोझ बन कर ना रहे और आर्थिक रूप से संपन्न रहें
मध्य प्रदेश के जिला रीवा से शिव कुमार जी ने हमारी वाणी के माध्यम से बताया हैं कि हमारी वाणी में चलाये गए सारी कहानियाँ बहुत अच्छी हैं और इस कार्यक्रम के बारे में उन्होंने कुछ लोगों को बताया है कि हमारी वाणी कैसे और क्या कार्य करती है।
मध्यप्रदेश के जिला रीवा से दिनेश जी ने बताया कि इन्हे रोजगार के बारे में कोई भी जानकारी हो, तो जरूर बताया जाये।
मध्यप्रदेश के रीवा जिला से साधु लाल सेन जी हमारी वाणी के माध्यम से कहते है कि ये पूरी तरह दृष्टिबाधित है और अभी फ़िलहाल आई.टी.आई कर रहे है। अनेको प्रकारो के रोजगार है परन्तु इसके लिए सभी को प्रयास करने की जरुरत है।
जिला रेवा,मध्यप्रदेश से दिनेश कुमार साकेत जी हमारी वाणी के माध्यम से कहते है कि वे एक नेत्रहीन व्यक्ति है और वे बेरोजगार है, उन्हें रोजगार की जानकारी दी जाये।
एमपी रीवा से दिनेश कुमार जी हमारी वाणी के माध्यम से बताते हैं कि वे दृष्टिबाधित हैं। उन्होंने बीए ,एमए ,आईटीआई की पढ़ाई की है और वे रोजगार की तलाश में हैं लेकिन रोजगार नहीं मिल रहा है ।
एमपी तहसील से साधु लाल सेन जी हमारी वाणी के माध्यम से बताते हैं कि वे दृष्टिहीन हैं और उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। फ़िलहाल वे रीवा से कम्प्यूटर प्रोगरामिंग असीसीटमेंट ,आईटीआई की पढ़ाई भी कर रहे हैं । उन्होंने ने संगीत की भी ट्रेनिंग ली है ,इनसे सम्बंधित रोजगार हो तो इनको संपर्क करें।
मध्यप्रदेश के रीवा से साधुलाल जी कहते है कि ये नेत्रहीन है और इनके पास अभी रोजगार का कोई साधन नहीं है। इन्होने फिलहाल 12वी पास किया है और साथ ही आई.टी.आई भी कर रहे है। हमारी वाणी को इनके तरफ से तहे दिल से धन्यवाद।
एमपी के रीवा जिला से शिव कुमार जी हमारी वाणी के माध्यम से बताते हैं कि वे दृष्टिबाधित हैं।उन्होंने देहरादून से पेपर प्रोडॅक्ट की ट्रेनिंग ली है ,जिसमे दोना -पत्तल बनाना ओर स्टेशनरी का काम सिखाया जाता है। इससे सम्बंधित कोई काम हो ,तो जरूर बताएं।
