गिरिडीह, झारखण्ड से हरीश जी हमारी वाणी को धन्यवाद को देते हुए कहते है कि हमारी वाणी के माध्यम से लोगों को जानकारी मिलती हैं। हमारी वाणी सभी दिव्यांगों भाइयों को एक-दूसरे से जोड़े रखने का काम कर रही है।
गिरिडीह, झारखण्ड से हरीश जी हमारी वाणी को धन्यवाद को देते हुए कहते है कि हमारी वाणी के माध्यम से लोगों को जानकारी मिलती हैं। हमारी वाणी सभी दिव्यांगों भाइयों को एक-दूसरे से जोड़े रखने का काम कर रही है।