उत्तरप्रदेश,आजमगढ़ से समसाद अहमद जी हमारी वाणी के माध्यम से कहते है, कि नौकरी पाने से पहले विकलांग भाई-बहन अपनी पढ़ाई पूरी करें,उनसे जितना संभव हो सके अपनी पढाई पूरी करें।