हरियाणा से मोहन लाल जी ने हमारी वाणी कार्यक्रम के माध्यम से बताया कि वे नेत्रहीन हैं और उन्होंने स्नातक की पढ़ाई की है।उन्होंने बताया कि दृष्टिहीन व्यक्तियों के परिजन ही उनके साथ भेद भाव करते हैं इसलिए दृष्टिहीन भाई -बहनों को यह दिखाना चाहिए कि वे भी किसी से कम नहीं।