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रांची से आलोक कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बता रहे है कि आज नरेन्द्र मोदी जी का आगमन हुआ था और उन्होने अपने भाषण के दौरान जनता से ये कहा की अगर मई प्रधान मंत्री बन जाता हु तो बेरोजगारी की समस्या ख़तम हो जाएगी।

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झारखण्ड मोबाईल वाणी के एस कड़ी में महिला हिंसा के बारे जानकारी दी गयी और बताया गया की जुर्म करने वाला से ज्यादा गुनहगार जुर्म सहने वाला होता है।महिलाये चुपचाप जुर्म सहती है औए इसलिए जुर्म करने वाले के हाथ और मजबूत हो जाते है।महिलाये खुद उन्हें जुर्म करने के लिए सह देती है।और ये सब कुछ महिलओं में जागरूकता की कमी के कारन के होता है।कई महिलाओ को पता नहीं रहत है की ये घरेलू हिंसा के खिलाफ कहा से मदद मांगे और कई महिलाये घरेलु हिंसा को घर का मामला समझ लेती है।इसे अपनी किस्मत मन कर समझौता कर लेती है।कसमार प्रखण्ड से संदीप कुमार ने इसपे अपनी राय दी इन्होने कहा की अपने घर में या किसी दुसरे के घर में अगर घरेलु हिंसा होती है तो उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और ऐसे मामलो को पंचायत में लेकर जाने चाहिए जब पंचायत में सुनवाई नहीं हो तब थाना में जाना चाहिए।पूर्वी सिंहभूम घाटशिला प्रखंड से भाषा शर्मा का कहना है की हमेशा महिलाये ही सिन्स का शिकार होती है पुरुष नहीं क्यूंकि महिलाये अपने आप को कमजोर समझती है वो अपने पति के खिलाफ नहीं जाती है और अगर कोई महिला अपने पति के खिलाफ जाती है तो समाज की दूसरी महिलाये ही उसे डांटती है और कहती है की कैसी पत्नी है जो अपने पति के खिलाफ कड़ी हो गयी है। इस प्रकार की धारणा से सभी महिला को निकलना होगा।हजारीबाग दारू प्रखंड से निहाल कुमार का कहना है की दहेज़ के कारण बहुत सी महिलाओ की हत्या कर दी जा रही है इसपर कड़ी करवाई करनी चाहिए।कोडरमा से ओमकार विश्वकर्मा का कहना है की डोमचांच प्रखंड निवासी कौसल्या देवी को उसके ससुराल वाले डायन कहकर प्रताड़ित करते है।

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झारखण्ड मोबाईल वाणी के एस कड़ी में महिला हिंसा के बारे जानकारी दी गयी और बताया गया की जुर्म करने वाला से ज्यादा गुनहगार जुर्म सहने वाला होता है।महिलाये चुपचाप जुर्म सहती है औए इसलिए जुर्म करने वाले के हाथ और मजबूत हो जाते है।महिलाये खुद उन्हें जुर्म करने के लिए सह देती है।और ये सब कुछ महिलओं में जागरूकता की कमी के कारन के होता है।कई महिलाओ को पता नहीं रहत है की ये घरेलू हिंसा के खिलाफ कहा से मदद मांगे और कई महिलाये घरेलु हिंसा को घर का मामला समझ लेती है।इसे अपनी किस्मत मन कर समझौता कर लेती है।कसमार प्रखण्ड से संदीप कुमार ने इसपे अपनी राय दी इन्होने कहा की अपने घर में या किसी दुसरे के घर में अगर घरेलु हिंसा होती है तो उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और ऐसे मामलो को पंचायत में लेकर जाने चाहिए जब पंचायत में सुनवाई नहीं हो तब थाना में जाना चाहिए।पूर्वी सिंहभूम घाटशिला प्रखंड से भाषा शर्मा का कहना है की हमेशा महिलाये ही सिन्स का शिकार होती है पुरुष नहीं क्यूंकि महिलाये अपने आप को कमजोर समझती है वो अपने पति के खिलाफ नहीं जाती है और अगर कोई महिला अपने पति के खिलाफ जाती है तो समाज की दूसरी महिलाये ही उसे डांटती है और कहती है की कैसी पत्नी है जो अपने पति के खिलाफ कड़ी हो गयी है। इस प्रकार की धारणा से सभी महिला को निकलना होगा।हजारीबाग दारू प्रखंड से निहाल कुमार का कहना है की दहेज़ के कारण बहुत सी महिलाओ की हत्या कर दी जा रही है इसपर कड़ी करवाई करनी चाहिए।कोडरमा से ओमकार विश्वकर्मा का कहना है की डोमचांच प्रखंड निवासी कौसल्या देवी को उसके ससुराल वाले डायन कहकर प्रताड़ित करते है।

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