श्याम्पत दास बोकारो चंदंक्यारी से झारखण्ड मोबाइल वाणी पर जानकारी दे रहे है की जातीय,आवासीय और आय प्रमाण पत्रो को बनाने में घोर अनियमितता बरती जा रही है छात्र-छात्रा अपनी परीक्षा,पढाई और स्कुल,कोलेज छोड़ कर आवासीय,जातीय और आय प्रमाण पत्र बनवाने में अंचल कार्यालयो और प्रज्ञा केन्द्रो का चक्कर कट रहे है. कोर्ट द्वारा एफ़ीडेबिट वंशावली,रशीद और खतियानी नहीं होने से अधिकारी लिखते नहीं है और नहीं लिखते भी है तो विभिन्न प्रकार के बहाने बनाते है जैसे की पुराना रशीद नहीं चलेगा नया लाओ।पंचायत स्तर के प्रज्ञा केन्द्रो द्वारा मनाम्नी किया जा रहा है अपने जान-पहचान वालो का वे बिना कोई जांच किये आवासीय,आय,जातीय प्रमाण पत्र निर्गत कर देते है और दुसरे छात्रो के लिए 15 दिन का समय मांगते है और कभी पंचयत स्तर वाले प्रज्ञा केंद्र और कभी प्रखंड स्तर वाले प्रज्ञा केंद्र भेजते रहते है अत: उपायुक्त महोदय से अनुरोध करते है की इस प्रकार की मनमानी को रोके औए जांच की जाये।
