जिला धनबाद के तोपचांची प्रखंड से फर्केश्वर महतो ने झारखण्ड मोबाइल वाणी को बताया कि मनरेगा की योजनाए अपूर्ण रहने से जॉब कार्ड धारियो को काम मांगने से काफी दिक्क्त का सामना करना पड़ रहा है.प्रखंड के चेता पंचायत में मात्र एक मनरेगा से तालाब निर्माण का कार्य हो रहा है. झारखण्ड मोबाइल वाणी के प्रतिनिधि ने पंचायत में मनरेगा योजना की हालत पर एवं योजनाओ की निरिक्षण कर जानकारी प्राप्त की. जनताओ की मांगो को देखते हुवे मनमोहन सरकार ने रोजगार की गारंटी अधिनियम को लागू करवाए। गाँधी जी के हिन्दुस्तान बनाने के लिए मनरेगा को कानून का रूप दिया गया परन्तु इसमें भी सरकारी बंधुवो ने कमिशन के लिए महत्वपूर्ण कानून को शुध्सतन में ला दिया। पंचायत के योजना संख्या 9,10 प्रक्रमित राशि 8,34,000 की लागत से फिदम महतो के निजि जमीन में निर्माण कार्य किया गया. जो योजना में 8,00,000 रुपया खर्च होने के बाद भी योजना कार्य पूर्ण नहीं हुवा।पूर्व में जिला साक्षरता वाहनी के संधर्व में मनरेगा को गति दिया जा था. परन्तु जब से पंचायत निकाय का गठन होने के बाद समीक्षण में बढ़ोतरी मजदूरो को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिनिधियो ने रुचि नहीं देखी गई. जानकारी के अनुसार अन्य योजनाओ में भी कमिशन ली जाती है. लेकिन जिस कानून एवं योजना का महात्मा गांधी के नाम से संचालित हुवे है.उस कानून, योजना में कमिशन की बात नहीं होनी चाहिए।
