हजारीबाग से निहाल कुमार झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाहते है की बचपन से ही लड़कियो पर होता है अत्याचार। गर्भ में ही अगर यह पता जाये की पल रहा भूर्ण बच्ची है तो उसे गर्भ में ही मार दिया जाता है। बच्चियो को उनके पढाई में ही भी लड़कियो के साथ फर्क किया जाता है उन्हें पढ़ने की स्वतंत्रता नहीं दी जाती है, इन्होने कहा लड़कियो को भी लड़कियों को भी सामान रूप से पढ़ने का अवसर देना चाहिए
