जिला हजारीबाग,दारू से निशांत कुमार ने झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से कहते है की इनके गाँव की लडकियो को स्कूल नहीं भेजा जा रहा है सिर्फ लड़को को ही भेज जा रहा है उनका सोच है की लडकियो को शादी करना है और लड़ाको को काम करना है भारत में महिलाओ को जो दर्जा मिला है लोग उसे स्वीकार नहीं कर पा रहे है.