जिला हजारीबाग के दारू प्रखंड से कुनाल कुमार ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है की घरेलु हिंसा में मुख्य रूप से लडकियो के साथ अधिकांश रूप से भेद भाव किया जाता है। महिला शासक्ति करण के मामले भले ही भारत की तस्वीर पहले की भाती बेहतर नजर आती है लेकिन भारतीये परिवारो के आर्थिक स्थिति पर किये गए अलग अलग तस्वीर नजर आएगी।अधिकांश लडकियो को आज भी अपने अधिकार के फैसले लेने का अधिकार नहीं दिया जाता है।इस तरह से लड़कियो के साथ भेद भाव किया जाता है।
