हज़ारी बाग़ से गौरव कुमार झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से दहेज़ पर अपनी राय देते हुए कहते है कि भारत में लड़कियो कि संख्या बहुत कम है उसके बाद भी लकड़की कि शादी जकी बात आती है तो लड़की कि जगह उसके घरवाले द्वारा दी जा रही पैसो को देख कर शादी कि जाती है, कई बार दहेज़ पर चर्चा कि जाती है परन्तु इसे हटाने में अभी भी हमारा समाज विफल रहा है, इन्होने कहा हैम सबो को एक जुट हो कर इसके खयाफ कदम उठाना होगा तभी दहेज़ जैसी कुरीति दूर हो पायेगी