हज़ारी बाग़ से कुणाल झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाहते है की आज दहेज़ की मांग लाखो में की जाती है जिस से किसी भी पिता को रिश्वत घूसखोरी आदि करना पड़ता है और दहेज़ न देने की हालत में कई बार पिता को आत्महत्या भी करनी पड़ती है, दहेज़ से सम्बंधित आय दिन पेपर में खबरे आती रहती है की किसी ने खुदखुशी कर ली तो किसी को जला दिया गया, ये सारे घिनौने परिणाम दहेज़ के ही है, इन्होंने कहा अगर युवक दहेज़ को मिताने का संकल्प करे तो इसे ख़त्म किया जा सकता है
