हजारीबाग से कुणाल झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से दहेज़ प्रथा पर कहते है हमारे समाज में दहेज़ प्रथा ने भयंकर रूप ले लिया है,शादी में लड़के पक्षो दवरा लड़की पक्षो को खुशीपूर्वक दिया जाने वाला भेंट दहेज़ कहलाता है परन्तु आज दहेज़ देना-लेना मज़बूरी का सौदा बन गया है,अगर लड़का डॉक्टर या इंजिनियर है तो उसकी बोली लाखो में लगाई जाती है और जो कुछ भी नहीं उसे भी 5 लाख तक दिया यही कारण है की लडकियो को बोझ समझा जाता है, और उसकी शादी किसी गलत जगह कर देते है या उसकी हत्या बचपन में ही कर देते है