गौरब कुमार, हज़ारीबाग दारू से झारखंड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाह रहे है की आज भी लड़के और लड़कियो मे भेद भाव किया जाता है. आज हमारा देश स्वतंत्र देश समझा जाता है पर अभी भी लड़को -लड़कियो मे भेद भाव किया जाता है. आज भी जब लड़कियाँ अपने सपनो को पूरा करने निकलती है तो लोग आज भी ग़लत नज़र से देखते है, लोग आज भी लड़कियो को अपनी पैर की जूती समझते है. जिस देश मे लोग दुर्गा,सरस्वती को पूजते है वही लड़कियो को ग़लत नज़र से देखते है और उनके साथ ग़लत वायवहार करते है. जब एक लड़की अपने माता-पिता का घर छोड़ कर एक नये सपने देखती है पर उनके सपने टूट जाती है जब दहेज के लिए अत्याचार किया जाता है.
