मेरा नाम पूजा कुमारी है मै दर्पण जीविका महिला संकुल संघ में एमआरपी का काम करती हूं। मैं नालंदा जिला के हिलसा प्रखंड के निवासी हूँ। आज हम लड़कियों की शिक्षा के बारे में बात करेंगे। लड़कियों को पढ़ाना जरूरी है, आज भी कुछ कुछ घर ऐसा भी है जहां की लड़कियों को पढ़ाना जरूरी नहीं समझते हैं, लोग लड़का लड़की में भेदभाव रखते हैं। बीटा और बेटी एक सामान होते है, दोनों को ही पढ़ाया जाना चाहिए। लड़कियों की जब शादी होतो है और अगर वे कम पढ़ी लिखी हों तो ससुराल में उनकी वैल्यू कम हो जाती है। अगर लड़कियों के साथ कोई दुर्घटना हो जाती है और लड़की पढ़ी-लिखी होती है तो वह भी रोजगार करके दो पैसा कमा सकती है