बिहार राज्य के नालंदा जिला से ज्योति कुमारी जीविका मोबाइल वाणी के माध्यम से एक कविता साझा कर रही हैं ,भूल गया है क्यों इंसान,सबकी है मिट्टी की काया,सब पर नभ की निर्मल छाया,यहाँ नही कोई आया है, ले विशेष वरदान,भूल गया है क्यों इंसान ,धरती ने मानव उपजाये,मानव ने ही देश बनाए,बहुदेशो में बसी हुई है, एक धरा-संतान,भूल गया है क्यों इंसान,देश अलग है, देश अलग हों,देश अलग है, वेश अलग हों,भूल गया है क्यों इंसान।