बिहार राज्य के नालंदा जिला के हरनौत प्रखंड से संतोष कुमार जी जीविका मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बाबूबरही बाजार स्थित इकलौता ऐतिहासिक तालाब की माली हालत सुधारने का नाम ही नहीं ले रही है। तालाब सुरक्षा दीवाल से घिरी हुई नहीं है। जबकि, यही वो तालाब है जहां आए दिन आम लोग नित्य क्रिया से निवृत होते हैं।माँ भगवती स्थान दुर्गा मंदिर, राम जानकी मंदिर, उसका धर्मशाला, दो दो स्कूलें मिडिल और कन्या,इस तालाब के तट पर स्थित है। यहां लोग पूजा याचना करने आते हैं। नौनिहाल स्कूलों में पढ़ने आते हैं। सामान खरीदने लोग बाजार आते हैं। मधुबनी-लौकहा मेन रोड और लदनिया-बाबूबरही- अंधराठाढ़ी मेन रोड पर स्थित बाबूबरही बाजार इलाके में मशहूर है। नौनिहालों व आम खास लोगों को पांव पैदल या वाहनों से इन सड़कों से गुजरने पर उन्हें गंदी आबो हवा और फैलती दुर्गंध के वातावरण से सामना करना पड़ता है।दरअसल, आए दिन ये तालाब जहां कूड़ा कचरा फेंके जाने की स्थिति में दब गए है।वहीं तालाब तट पर शौचालय और कत्लखाना के संचालन होने से तालाब का पानी दूषित हो रहा है।