बिहार राज्य के नालंदा जिला के हरनौत प्रखंड से बबिता देवी जीविका मोबाइल वाणी के द्वारा ओआरएस घोल के बारे में बता रही हैं।उन्होंने बताया की गर्मी के दिनों में दस्त या उल्टी होने का संभावना काफी ज्यादा होता है,इसलिए घर में हर वक़्त 2 पैकेट ओ.आर.एस का जरूर रखना चाहिए।दस्त या उल्टी होने पर बच्चे हो या बड़े उन्हें ओआरएस का घोल देना चाहिए।इसे बनाने से पहले किसी साफ़ बर्तन में एक पैकेट ओआरएस के पॉवडर को एक लीटर शुद्ध पानी में अच्छी तरह से घोलना चाहिए, ताकि उसका कण पानी के नीचे बैठा ना रहे। अगर घर में ओ.आर.एस नहीं है तो,पानी थोड़ा नमक और चीनी का घोल बना कर भी बच्चे को पिला सकते हैं। उसे घोलने के बाद थोड़ा चख ले तब ही बच्चे को पिलाये क्यूँकि अगर घोल सही बना होगा तो ना ज्यादा नमकीन होगा और ना ज्यादा मीठा।इसे बच्चे को थोड़े-थोड़े अंतराल में पिलाना चाहिए। इस तैयार घोल को 24 घंटे के अंदर ही इस्तेमाल करना चाहिए।24 घंटे के बाद इस तैयार घोल को फ़ेंक देना चाहिए।अगर इसके बाद भी बच्चा ठीक ना हो तो उसे तुरंत ही स्वास्थ्य केंद्र ले जा कर जाँच करवाना चाहिए।
