पहाडगंज के एक छात्र अब्दुल का कहना है कि जैसा की असम एक बहुत ही बाढ़ वाला क्षेत्र है वैसे में कोई भी इंसान अपने घर को नहीं बचा सकते ऐसे में कोई डॉक्योमेंट को कैसे संभाल के रखेगा। अगर वो अपनी डॉक्योमेंट को नहीं बचा सका तो उनकी नागरिकता भी ख़त्म हो जाएगी। क्या यही है सीएए ?ये इंसानियत के विरुद्ध नहीं है। क्या ये संविधान के विरुद्ध नहीं है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
