दोस्तों, लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ सक्रियता के 16 दिन पूरे होने हो हैं... लेकिन हमारा अभियान बदलाव का आगाज जारी है... इस कार्य क्रम में हमने बीते कुछ दिनों में बहुत सी कहानियां सुनी...इन सभी ने हमें प्रेरित भी किया और सोचने पर मजबूर भी...! सोचना ये है कि आखिर कैसे लिंग और पहचान, ऊँच और नीच, अमीर और गरीब, रंग और भेद के नाम पर हिंसा के इस क्रम को रोका जा सकता है..? अगर आपके पास जवाब है तो जरुर रिकॉर्ड करें. साथ ही अपने आसपास से ऐसी और भी कहानियां लेकर हमारे पास आएं... अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए फोन में अभी दबाएं नम्बर 3.

जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.

पिछले कुछ सालों से देश में एक नया शिगूफा छिड़ा हुआ है, एक देश एक चुनाव का, गाहे-बगाहे इसको लेकर चर्चा उठती रहती है। बीते महीने संसद के विशेष सत्र में भी इसको लेकर चर्चा उठी थी। एक देश एक चुनाव के कराने के पीछे सरकार का तर्क है कि इससे देश के संसाधनों की बचत होगी।

नीलू कुमारी धीलेज पल्स पोस्ट बरियारपुद और दिविक सीतमधनी टेलीविजन विज्ञान का एक चमत्कार है हम आपको नई दिल्ली में टेलीविजन टुडे के टेलीविजन मॉडल के बारे में कुछ बताना चाहते हैं । बहुत प्रसार है , बहुत प्रकाशन है और टेलीविजन महत्वपूर्ण है , टेलीविजन विज्ञान का एक अद्भुत उपकरण है , इसके आविष्कार का श्रेय लंदन , पुणे में बी . सी . सी . सी . के जॉन वायर्ड को दिया जाता है । तीस में नियमित टेलीविजन सेवा शुरू की , अमेरिका में उन्नीस सौ उनतालीस में पहला सार्वजनिक टीवी प्रसारण , यह कम से कम आठ वर्षों से निरंतर विकास में है । ब्रिटेन और अमेरिका ने इसका इस्तेमाल किया है । इतना लकवा था कि यह ब्रिटेन और अमेरिका में एक दैनिक घटना बन गई , यह जीवन का एक हिस्सा बन गया और धीरे - धीरे यह पूरे यूरोप में फैलना शुरू हो गया , उन्नीस सौ पचास - चार अमेरिका में यह रंगीन हो गया । टेलीविजन प्रसारण शुरू हुआ जिसने पूरी दुनिया में लोकप्रियता हासिल की है । भारत में टेलीविजन का उद्घाटन 15 सितंबर को दिल्ली में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ . राजेंद्र प्रसाद द्वारा किया गया था । दिल्ली के स्कूलों और आसपास की पंचायतों में मनोरंजन और शिक्षा के प्रसारण के लिए सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर टेलीविजन सेट स्थापित किए गए थे ।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

जेंडर हिंसा के खिलाफ 16 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम, 'बदलाव का आगाज़', में आज सुनिए लोक लाज के बंधन में बंधी यह महिला जो दहेज के लोभियों के हाथों घरेलू हिंसा की सज़ा झेल रही थी, और आखिर में इसके खिलाफ उठाया उन्होंने एक कदम।

हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए... सुनिए हंसी-मज़ाक में डूबे हंसगुल्ले और रिकॉर्ड कीजिए अपने चुटकुले मोबाइल वाणी पर, फोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

Transcript Unavailable.