सीतामढ़ी से दीपक पटेल जानकारी के मुताबिक आपको बताते चलें छुट्टी प्रखंड के मोहनी मंडल पंचायत वार्ड संख्या एक में प्रीपेड मीटर के नाम सुनते ही भड़क उठे ग्रामीण ग्रामीण ने कहा हमारे यहां प्रीपेड मीटर लगाने वाले को हम लोग पिटाई करेंगे अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें धन्यवाद
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा पशुपालन के बारे में बता रहे हैं अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
सीतामढ़ी से दीपक पटेल सुपी प्रखंड के कोटिया राय पंचायत अंतर्गत शिव मंदिर के अंदर प्रगट हुए नाग देवता लोगों ने दूध की कटोरी लेकर नाग देवता को पिलाने के लिए हजारों की संख्या में उम्र पड़ी भीड़ अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें धन्यवाद
सीतामढ़ी से दीपक पटेल जानकारी के मुताबिक आपको बताते चले सीतामढ़ी जिला में अपराधियों को रोकथाम के लिए सुपी थाना प्रभारी ने अपने क्षेत्र में चलाया वाहन जांच अभियान अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें धन्यवाद
दोस्तों, आज झुमरू के झोले से निकली है माता महाकाली की लोक कथा। ये लोक कथा सुना रही है, मधुबनी की प्रेमलता जी। अगर आपके पास भी ऐसी ही कोई कहानी है, तो उसे मोबाइल वाणी पर रिकॉर्ड करें। इसके अलावा, आप रिकॉर्ड कर सकते है अपने क्षेत्र के रोचक किस्से और लोक गीत.. फोन में नम्बर 3 दबाकर।
दोस्तों, अब आपके पास भी मौका है झुमरू का झोला उठाने का। अपने क्षेत्र के मज़ेदार किस्से, कहानियां और लोक गीत ढूंढिये और रिकॉर्ड कीजिए मोबाइल वाणी पर। सबसे ज़्यादा रोचक किस्से, कहानियां और लोक गीत रिकॉर्ड करने वाले को मिलेगा, मोबाइल वाणी और रिप्रेजेंट बिहार संस्था की ओर से एक आकर्षक इनाम। तो फिर देर किस बात की, बन जाइए झुमरू और निकल पड़िए मज़ेदार किस्से, कहानियों और लोक गीतों की तलाश में। और हाँ.. उन्हें रिकॉर्ड करने के लिए फोन में दबाएं नम्बर 3...
दोस्तों, सरकारी स्कूलों की बदहाली किससे छुपी है? इसी कारण देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था, प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक, पूरी तरह से बाजारवाद में जकड़ गई है। उच्च व मध्यम वर्ग के बच्चे तो प्राइवेट स्कूलों में अपने भविष्य का निर्माण करते हैं। नेताओं और नौकरशाह की बात तो दूर अधिकांश विद्यालय में कार्यरत शिक्षक के बच्चे भी सुविधा संपन्न प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई करते हैं भला ऐसे में सरकारी विद्यालयों की दुर्दशा की चिंता किसे होगी? देश के छोटे से छोटे विकास खंड में सरकारी स्कूलों में करोड़ों खर्चे जाते हैं फिर भी उनका स्तर नहीं सुधरता। -------------तो दोस्तों, आप हमें बताइए कि आपके गांव या जिला के स्कूलों की स्थिति क्या है ? -------------वहां पर आपके बच्चों को या अन्य बच्चों को किस तरह की शिक्षा मिल रही है ? -------------और आपके गाँव के स्कूलों में स्कुल के भवन , बच्चों की पढ़ाई और शिक्षक और शिक्षिका की स्थिति क्या है ? दोस्तों इस मुद्दे पर अपनी बात को जरूर रिकॉर्ड करें अपने फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर या मोबाइल वाणी एप्प में ऐड का बटन दबाकर।
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