लोगों की जागरूकता से ही खत्म होगा फाइलेरिया : सिविल सर्जन - फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के लिए स्वास्थ्य समिति द्वारा सीफार के सहयोग से हुआ मीडिया कार्यशाला का आयोजन - फाइलेरिया को रोकने के लिए 20 सितंबर से अगले 17 दिन तक चलेगा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम - शहरी क्षेत्र सहित तीन प्रखंडों में लोगों को खिलाई जाएगी डीईसी व अल्बेंडाजोल की दवा मधुबनी , 18 सितम्बर । लोगों को फाइलेरिया से सुरक्षित रखने और बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 20 सितंबर से अगले 17 दिन तक जिले में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) का आयोजन किया जा रहा है। उक्त कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सेंटर फॉर एडवोकेसी एण्ड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से सदर अस्पताल के सिविल सर्जन कार्यालय में परिसर में एकदिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सभी मीडिया कर्मियों से मीडिया के माध्यम से लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करने और सरकार द्वारा चलाए जा रहे सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गई। मीडिया कार्यशाला में एसीएमओ डॉक्टर आरके सिंह, लक्ष्मीकांत,सीफार प्रमंडलीय समन्वयक -कार्यक्रम अमन कुमार, पीसीआई के जिला कोऑर्डिनेटर विशाल कुमार , , सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। फाइलेरिया के प्रति जागरूकता जरूरी : कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ.नरेश कुमार भीमसारिया ने बताया फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला एक गंभीर संक्रामक बीमारी है जिसे आमतौर पर हाथी पांव भी कहा जाता है। कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है। फाइलेरिया के प्रमुख लक्षण हाथ और पैर या हाइड्रोसिल (अण्डकोष) में सूजन का होना होता है। प्रारंभिक अवस्था में इसकी पुष्टि होने के बाद जरूरी दवा सेवन से इसे रोका जा सकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है। लोगों को फाइलेरिया के लिए जागरूक करने में मीडिया की सशक्त भूमिका होती है। 20 सितंबर से सरकार द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें आशा व आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा घर-घर जाकर मुफ्त दवा खिलायी जाएगी । लोगों को इस कार्यक्रम में भाग लेकर स्वयं और अपने परिवार को फाइलेरिया से सुरक्षित करना चाहिए। शहरी क्षेत्र सहित तीन प्रखंडों में लोगों को खिलाई जाएगी डीईसी व अल्बेंडाजोल की दवा : जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ विनोद कुमार झा ने बताया कि लोगों को फाइलेरिया संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए आशा व आंगनबाड़ी सेविका द्वारा लोगों को बूथ स्तर पर तथा घर-घर जाकर अपनी उपस्थिति में डीईसी व अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। एमडीए कार्यक्रम के दौरान जिले में शहरी क्षेत्र के 1- 45 वार्ड के 100 आंगनबाड़ी केंद्र तथा 50 विद्यालयों में पंडोल मे 475 ,विस्फी में 549 व बेनीपट्टी 669 कुल 1843 बूथ बनाए गए हैं जहां लोगों को के लोगों को यह दवा खिलाई जाएगी। जिसके लिए इन प्रखंडों में 45 लाख 75 हजार डीईसी तथा 15 लाख एल्बेंडाजोल की टेबलेट उपलब्ध कराई गई है. उन्होंने बताया 02 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्तियों के अलावा सभी लोगों को दवा खिलाई जानी है । इस प्रकार करना है फाइलेरिया उन्मूलन दवा का सेवन : डॉ झा ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में 02 वर्ष से 05 वर्ष के बच्चों को डीईसी तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली, 06 वर्ष से 14 वर्ष तक के लोगों को डीईसी की दो तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी। लोगों द्वारा अल्बेंडाजोल का सेवन आशा की उपस्थिति में चबाकर किया जाना है। 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर रोग से ग्रसित लोगों को कोई दवा नहीं खिलायी जानी है। कार्यक्रम में छूटे हुए घरों में आशा कर्मियों द्वारा पुनः भ्रमण कर दवा खिलाई जाएगी।
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