कालाजार ठीक होने के बाद भी त्वचा सम्बन्धी लीश्मेनियेसिस रोग होने की सम्भावना रहती है। इसे त्वचा का कालाजार (पीकेडीएल) भी कहा जाता है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आर.के यादव ने बताया कि पीकेडीएल का ईलाज पूर्ण रूप से किया जा सकता है। इसके लिए लगातार 12 सप्ताह तक दवा का सेवन करना पड़ता है। ईलाज के बाद मरीज़ को 4000 रुपये का आर्थिक अनुदान भी सरकार द्वारा दिया जाता है। ऑडियो पर क्लिक कर पुरी खबर सुनें और मोबाइल वाणी के टॉल फ्री नंबर पर कॉल कर भी सुन सकते हैं।