प्रखंड में बारिश कम होने से किसान खासे परेशान हैं। पिछले लगभग एक पखवारे से चकाई प्रखंड मे बारिश नही हुई है। स्थित यह है कि खेतों में लगा धान के बिचड़े का पौधा पूरी तरह झुलस गया है। आलम यह है कि ताल तलैयों से भी पानी गायब है। वहीं पानी के अभाव मे मकई सहित अन्य भदई फसलों पर पूर्ण ग्रहण लग गया है। ऐसे में किसान लाचार और बेबस होकर आसमान की ओर आशा भरी निगाहों से देखनें को मजबूर हैं। लेकिन इंद्र देवता हैं कि उनका दिल पसीज ही नहीं रहा। चकाई जैसे इलाके में जहां बरसात का पानी छोड़कर पटवन का कोई दूसरा विकल्प नहीं है वहां बारिष की कमी ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। महंगे धान के बीज एवं जीतोड़ मेहनत के बाद परिणाम शून्य ही दिखलाई पड़ रहा है। बड़ी मुश्किल से किसान धान के बिचड़े को कुआं आदि के सहारे पटवन कर बचाने का प्रयास कर रहे हैं।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।