Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की समझ बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? क्या आपके पास भी कोई नन्ही कहानी है? हमें बताइए, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.

Transcript Unavailable.

महिला उद्यमी सशक्तिकरण कार्यक्रम के माध्यम से चाची कहिन की नौवीं कड़ी में चाची से जाने कि किसी भी कारोबार को करने के लिए क्या क्या ज़रूरी है।

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

Transcript Unavailable.

सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की समझ बढ़ा सकते है।ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? क्या आपके पास भी कोई नन्ही कहानी है? हमें बताइए, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

मानव जीवन में डॉक्टर्स की भूमिका बहुत खास है। उन्हें भगवान से कम नहीं समझा जाता है। क्योंकि भगवान की तरह डॉक्टर भी एक व्यक्ति को नया जीवन देने में भूमिका निभाते हैं। छोटी-छोटी से समस्या हो या गंभीर बीमारी, डॉक्टर ही एक ऐसा व्यक्ति है जिसके पास मानव शरीर की सभी परेशानियों का उपचार है।एक जुलाई को ही डॉक्टर दिवस मनाने की एक खास वजह भी है. महान चिकित्सक डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय का जन्मदिन 1 जुलाई 1882 को हुआ था. इतना ही नहीं एक जुलाई 1962 को ही डॉ बिधान का निधन हुआ था. इसलिए तब से डॉक्टर को सम्मान देने के रूप में हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। साथ ही हमारे देश में स्वास्थ्य को एक सेवा के रूप में देखा जाता है और हमारे चिकित्सा पेशेवरों ने अथक और निस्वार्थ भाव से काम करके अपने देश की सेवा भाव एवं सेवा परमो धर्म की परंपरा का पालन किया है. यही एकमात्र कारण था कि हमारे कोविड योद्धा मौके पर खड़े हुए और निस्वार्थ भाव से अपने कर्तव्य का पालन किया.तो आइये दोस्तों हम सब मिलकर चिकित्सक के कार्य की सराहना और मानव जीवन में उनकी भूमिका का सम्मान करें। मोबाइल वाणी की ओर से आप सब को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस की हार्दिक बधाई।