"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा ग्रीन फास्फोरस के बारे में जानकारी दे रहे है। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
रायबरेली। विद्यालय का वार्षिकोत्सव विद्यालय की उन्नति और प्रगति का परिचायक है। विद्यार्थी और अध्यापकों, दोनों के लिए यह हर्ष और उल्लास के साथ-साथ विद्यार्थियों की प्रतिभा, योग्यता और कार्यकुशलता के मूल्यांकन, योग्य और प्रतिभावान विद्यार्थियों को पुरस्कृत और सम्मानित करने का अवसर होता है। उक्त बातें उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि राज्य मन्त्री दिनेश प्रताप सिंह ने शहर के ख्याति प्राप्त शिक्षण संस्थान के.डी. मालवीय विद्या मन्दिर में सम्पन्न हुए विद्यालय के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह कार्यक्रम के दौरान कही। श्री सिंह ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के युग में प्रेरणा, धैर्य के साथ डटे रहना आवश्यक है। विद्यालय का कार्य केवल शिक्षण तक ही सीमित नहीं है, वरन् यह छात्रों के सर्वांगीण विकास पर बल देता है। इस अवसर पर विद्यालय के लगभग 500 छात्र/छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किया गया तथा 15 शिक्षक एवं कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ठ कार्य हेतु प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए... सुनिए हंसी-मज़ाक में डूबे हंसगुल्ले और रिकॉर्ड कीजिए अपने चुटकुले, मोबाइल वाणी पर, फोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।
सरकार हर बार लड़कियों को शिक्षा में प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग योजनाएं लाती है, लेकिन सच्चाई यही है कि इन योजनाओं से बड़ी संख्या में लड़कियां दूर रह जाती हैं। कई बार लड़कियाँ इस प्रोत्साहन से स्कूल की दहलीज़ तक तो पहुंच जाती है लेकिन पढ़ाई पूरी कर पाना उनके लिए किसी जंग से कम नहीं होती क्योंकि लड़कियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और पढ़ाई करने के लिए खुद अपनी ज़िम्मेदारी लेनी पड़ती है। लड़कियों के सपनों के बीच बहुत सारी मुश्किलें है जो सामाजिक- सांस्कृतिक ,आर्थिक एवं अन्य कारकों से बहुत गहरे से जुड़ा हुआ हैं . लेकिन जब हम गाँव की लड़कियों और साथ ही, जब जातिगत विश्लेषण करेंगें तो ग्रामीण क्षेत्रों की दलित-मज़दूर परिवारों से आने वाली लड़कियों की भागीदारी न के बराबर पाएंगे। तब तक आप हमें बताइए कि * -------आपके गाँव में या समाज में लड़कियों की शिक्षा की स्थिति क्या है ? * -------क्या सच में हमारे देश की लड़कियाँ पढ़ाई के मामले में आजाद है या अभी भी आजादी लेने की होड़ बाकी है ? * -------साथ ही लड़कियाँ को आगे पढ़ाने और उन्हें बढ़ाने को लेकर हमे किस तरह के प्रयास करने की ज़रूरत है ?
रायबरेली। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की बैठक जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने अपने कैंप कार्यालय में की। जिलाधिकारी ने कोविड-19 महामारी से प्रभावित बच्चों को चिन्हित करते हुए उन्हें योजना का लाभ देने के निर्देश दिए थे। इसी संबंध में ग्रामीण क्षेत्र के 575 और शहरी क्षेत्र के 15 नये आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई। जिला प्रोवेशन अधिकारी ने बताया कि मार्च 2020 के पश्चात ही मृतकों के बच्चों को अभियान चला कर चिन्हित किया जा रहा है। इस स्वीकृति के पश्चात जिले में लाभार्थियों की संख्या 1573 हो गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद में ऐसे अधिक से अधिक बच्चों को चिन्हित किया जाए और उन्हें योजना का लाभ दिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कोविद-19 महामारी के बाद बहुत से बच्चों ने अपने अभिभावकों को खो दिया। जिससे उन्हें मानसिक और शैक्षणिक हानि उठानी पड़ी। इसी के मद्देनजर सरकार द्वारा बाल सेवा योजना शुरू की गई जिसका उद्देश्य महामारी से प्रभावित बच्चों को संरक्षण प्रदान करना है। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष ओजेश्वर पांडे, वन स्टाफ सेंटर मैनेजर श्रद्धा सिंह और एसीएमओ अरविंद कुमार उपस्थित रहे।
