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लड़कियों के सपने सच में पुरे हो , इसके लिए हमें बहुत सारे समाजिक बदलाव करने की ज़रूरत है। और सबसे ज्यादा जो बदलाव की ज़रूरत है, वो है खुद की सोच को बदलने की। शिक्षा महिलाओं की स्थिति में बड़ा परिवर्तन ला सकती है लेकिन शिक्षा को लैंगिक रूप से संवेदनशील होने की जरूरत है। गरीब और वंचित समूह के बच्चों को जीवन में शिक्षा में पहले ही सीमित अवसर मिलते हैं उनमें से लड़कियों के लिए और भी कम अवसर मिलते हैं, समान अवसर तो दूर की बात है। सरकारी स्तर पर जितने ही प्रयास किये जा रहे हों, यदि हम समाज के लोग इसके लिए मुखर नहीं होंगे , तब तक ऐसी भयावह रिपोर्टों के आने का सिलसिला जारी रहेगा और सही शौचालय न होने के कारण छात्राओं को मजबूरी में स्कूल छोड़ने का दर्द सताता रहेगा। तब तक आप हमें बताएं कि *----- आपके गांव में सरकारी स्कूल में शौचालय है, और क्या उसकी स्थिति कैसी है? *----- क्या आपको भी लगता है कि सरकारी स्कूल में शौचालय नहीं होने से लड़कियों की शिक्षा से बाहर होने का बड़ा कारण है *----- शौचालय होने और ना होने से लड़कियों की शिक्षा किस प्रकार प्रभावित हो सकती है?

हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए सुनिए हंसी-मज़ाक में डूबे हंसगुल्ले और रिकॉर्ड कीजिए अपने चुटकुले, मोबाइल वाणी पर, फोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

फैजाबाद मंडी में आज के फल का भाव किस प्रकार से रहा

बताते चले की एक बाप या मां अपने बच्चो को अच्छी परवरिश के साथ साथ अच्छी शिक्षा दीक्षा की तमन्ना रखती है। ऐसे में यदि मां ही बच्चे का एक मात्र लकड़ी का सहारा हो जाए और पिता दिहाड़ी मजदूरी के बल परिवार का भरण पोषण करता हो तो उस बच्ची से पूछिए की क्या उसके ऊपर बिताती होगी। जी हां मैं बात कर रहा हूं अयोध्या जिले के विकासखंड तारून ग्राम सभा यादवपुर जहां की प्रधान सुनीता यादव हैं। मैं मोबाइल वाणी अयोध्या के माध्यम से बताना चाहूंगा उपरोक्त ग्राम सभा निवासी अनंत बहादुर सिंह को दिन भर दिहाड़ी कर के परिवार की जीविका चला रहे है। इनके परिवार में पत्नी दिव्यांग के साथ एक पुत्री है जिसको आपने अपने कठिन परिश्रम से आज आपने बिटिया को BEad की डिग्री दिलाने में प्रयासरत है। ऐसे कर्मठ शील महानुभाव को मेरी तरफ से तमाम शुभकामनाएं । । ज्ञात हो इसी बीच पढ़ाई आदि से समय निकाल कर दिवायंग मां की दैनिक क्रिया आदि से निवृत कराकर भोजन आदि के पश्चात पढ़ाई में ध्यान लगाना। किसी चुनौती से कम नहीं। पीड़ित पिता ने अपनी आप बीती मोबाइल वाणी अयोध्या को बताया,,,,,,, मैं दुर्गा सिंह मोबाइल वाणी अयोध्या

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